मेरी बहना

मेरी और मेरे चचेरे भाई अरुण की कहानी जो मेरी बहन बन गया|


कृपया कहानी की लेखिका के लिए कमेंट लिख कर उन्हें प्रोत्साहित करे!

लेखिका: श्वेता कुलकर्णी

For more reader contributed stories, click here.

ये मेरी सच्ची कहानी है| ये कहानी मेरी और मेरे भाई अरुण की है| अरुण मुझसे २ साल छोटा है और मेरे चाचा का बेटा है| हम लोग बचपन से काफी साथ में खेले है और बड़े हुए है | बाद में स्कूल के बाद वो इंजीनियरिंग करने बाहर चले गया | पर जब कभी वो नागपुर आता तो घर पे मिलने जरुर आता था | मैं उसके साथ घुमने भी जाती थी और हम एक अच्छे भाई बहन थे |

अरुण मेरे लिए भाई के साथ साथ दोस्त भी था| हम साथ साथ मूवी जाते थे और शोपिंग करते थे| हम दोनों अच्छे दोस्त की तरह रहते थे| पढाई के बाद बाद अरुण की जॉब नागपुर में ही लग गयी और उसका घर में आना जाना बढ़ गया था| एक बात बता दू की हम दोस्त तो थे पर कभी प्रेमी नहीं सो इस कहानी में कोई सेक्स की बात नहीं है|

इसी बीच पापा की ट्रान्सफर मुंबई हो गयी जहा वो माँ के साथ रहने लगे| माँ कभी नागपुर तो कभी मुंबई रहने लगी| पापा की तबोयत ख़राब रहने के कारण माँ का उनके साथ होना जरुरी था और मैं घर अकेले नहीं छोड़ सकती थी इसलिए मैं नागपुर में और माँ मुंबई में रहने लगी|

मैं ज्यादा घुमने फिरने नहीं जाती थी और घर पे ही रहती थी| पढ़ते हुए कुछ दिन में मुझे बोर होने लगा था, पर अकेले बाहर जाती भी तो कहा? मेरे सभी दोस्तों के बॉय फ्रेंड थे और वो बिजी थे| मैं अकेली थी जिसका कोई बॉयफ्रेंड नहीं था | सो उनको भी डिस्टर्ब नहीं कर सकती थी| इसलिए मन मार के मैं घर पे ही रहने लगी | पर अरुण के घर आने और उसके साथ समय बिताना मुझे पहले से ही पसंद था हम भाई बहन कम और दोस्त जो ज्यादा थे|

मेरी कोई छोटी बहन नहीं है और ये बात मुझे बहुत खटकती थी, मैं चाहती थी की मेरी भी कोई बहन हो जिसके साथ मैं आपने कपडे गहने मेकअप शेयर कर सकू | ऐसे में ही मैंने अरुण को मेरी बहन न होने की बात बताई वो हँसा और बोला “बस इतना ही न आज से मैं तुम्हारी बहन बन जाता हूँ|” पहले तो मुझे लगा कि वो मजाक कर रहा है| मैं भी हँस दी और बोली कि “तुझे क्या पता कि लड़की होना कितना मुश्किल काम है| अगर मेरी बहन होती तो मैं उसके साथ कितना मज़ा करती, मस्त ड्रेस शेयर करती, सब बात बताती और घर के काम में हेल्प भी लेती|”

तो वो बोला, “देखो दीदी. घर के काम तो मैं वैसे भी करता हूँ| रही बात ड्रेस की तो तुम्हारे पास ही इतने कपडे है कि नए कपडे खरीदने की ज़रुरत नहीं है| और बातें तो ऐसी कोई नहीं है जो हम कर नहीं सकते| हाँ, कुछ लड़कियों वाली होगी तो अगर मैं तुम्हारी बहन बनूंगी तो वो भी कर सकोगी| मतलब तुम मुझको समझा देना| और हम दोनों बहनों की तरह साथ में रह भी सकेंगी” उस वक़्त तो मैंने उसकी बात को हँसी में ले ली और हम फिर से नार्मल रहने लगे|

पर कुछ महीनो बाद मेरी एक दोस्त जिसका नाम मयूरी था उसकी शादी थी और उसकी शादी में मुझे जाना था पर समय नहीं था कि पारलर जाकर वैक्स करू और तैयारी करू| इसलिए मैंने घर पे ही वैक्स करने का फैसला किया और तैयारी में लग गयी तभी अरुण घर पर आ गया| मुझे वैक्स करने में तकलीफ होते देख कर वो बोला, “दी मैं हेल्प करता हूँ” और मैंने अपने हाथ और पैर के बालो को निकालते वक़्त उसकी हेल्प लेने में कुछ गलत भी नहीं समझा|

मेरी वैक्स के दौरान मैंने उसको कहा, “अरुण तुम भी आपना वैक्स कर लो वैसे भी ज्याडा बाल तो है नहीं तुम्हारे”| उसने कहा “आप कर के दो तो कर लू”| सो मेरी वैक्स क बाद मैंने भी उसके हाथ और पैर की वैक्स कर दी| उसने कहा कि वो छाती के भी बालो की वैक्स करना चाहेगा जैसे हीरो लोगो के होते है तब मैंने उसको छाती के बालो की भी वैक्स कर दी और उसको बाद में नहाने के लिए बोली क्योंकि वैक्स के कारण उसे बहुत जलन हो रही थी| प्रॉब्लम तो तब हुयी जब वो नहाकर आया क्योंकि पापा तो मुंबई में रहते थे इसलिए उनके कोई कपडे घर में नहीं थे और जो थे वो काफी दिनों से रखे थे बिना धोये अब अरुण के पहनने के लिए कुछ नहीं था| ये बात हमने पहले सोची नहीं थी और उसके कपडे वैक्स के कारण ख़राब हो गए थे और मैंने धोने भी डाल दिए थे जिसको सूखने में कम से कम दो घंटे लगते| हालांकि वो तब तक टॉवेल लपेटकर रह सकता था पर वैक्स के बाद उसको मेरे सामने शर्म आने लगी थी|

तो अरुण ने मुझसे कुछ पहनने को माँगा| तो मैंने कहा, “घर में कोई जेंट्स के कपडे तो है नहीं| क्या तुम मेरे या माँ के पहन सकोगे?” कुछ न होने से तो कुछ अच्छा सोच कर उसने हाँ कर दिया| अब मेरे सामने सवाल था कि मैं उसको क्या दू क्योंकि माँ तो सिर्फ साड़ी पहनती थी| इसलिए मैंने उसको अपने कपडे देने के बारे में सोचा| मैंने अरुण को मेरी एक नाईट camisole दिया और निचे शॉर्ट्स पहनने को कहा| camisole तो बनियान की तरह होता है तो उसे कुछ प्रॉब्लम नहीं हुई पर मेरी शॉर्ट्स में वो घुस नहीं पा रहा था इसलिए मेरे पास उसको मेरा सलवार या मिडी देने के अलावा कोई आप्शन नहीं बचा था| मेरा मिडी देने का मन नहीं हुआ तो मैंने उसको सलवार दे दी वो भी बिना कमीज़ के| क्योंकि सलवार बहुत ढीला होता है और वैसे कपडे लड़के पहनते नहीं है तो उसे काफी अजीब लग रहा था और मुझे भी उसे देखकर हँसी आ रही थी|

खैर उसके बाद मैं उसके लिए टीवी चालु कर नहाने चली गयी| नहाकर आते ही मैंने टॉप और मिडी पहन ली जिसकी लम्बाई मेरे घुटनों तक थी| मुझे दुसरे दिन शादी के लिए अपने पैरो पे मेहंदी जो लगानी थी| तब तक अरुण भी सलवार और camisole के साथ कम्फ़र्टेबल हो गया था| बाद में हमने खाना खाया और मैं उसको देख कर हँसी आने लगी| अचानक से मुझे अपनी छोटी बहन वाली बात याद आई और मैंने अरुण से कहा, “भगवन ने आज मुझे एक बहन दे ही दी” और हम हँसने लगे| मैंने अरुण से कहा कि क्यों न अब वो मेरी सलवार और camisole पहन ही लिया है तो अब मेरी नयी बहन का नाम कारण भी किया जाए| मैंने उससे पूछा कि उसको लड़कियों में कौनसा नाम पसंद है? तो उसने कहा, “मेरी सबसे अच्छी दोस्त बहन तुम ही हो और मैं चाहता हूँ कि मेरा नाम भी श्वेता हो” तो मैं बोली, “पर घर में दो दो श्वेता कैसे हो सकती है?”

तो उसने कहा, “ये बात तो सिर्फ हम दोनों के बीच की है| मैं वैसे भी आपको दीदी कहता हूँ| और नाम से नहीं बुलाता| आप मुझे श्वेता कहना” मुझे भी उसकी ये बात अच्छी लगी इसलिए मैंने उसका नामकरण श्वेता कर दिया| उस दिन उसने मुझे मेहंदी लगाने में मदद की और मैंने भी उसके वैक्स किये हुए पैरो पर घुटनों के निचे और सॉक्स के ऊपर वाले हिस्से में मेहंदी निकाल दी ताकि ऑफिस में किसी को उसके वैक्स और मेहंदी के बारे में पता न चले|

ये तो बस कहानी की शुरुआत थी कि कैसे मुझे मेरी छोटी बहन श्वेता मिली आने वाले समय में मैं आपको और भी बाते बताउगी| पर इस कहानी को किसी और कहानी की तरह मन में सेक्स मत लाना| ये एक अच्छी कहानी है और आज भी हम दोनों लोगो के सामने भाई बहन है और अकेले में हमारा रिश्ता बहनों वाला ही है|

आगे अगले पेज में पढ़े…

Crossdresser’s Dreams

The story of a crossdresser who becomes princess for a day.


Please encourage the author through your comments and star ratings for this story!

Story Credit: Sagarika Desai (Piyu)

For more reader contributed stories, click here.

Hello dear friends,
I am Sagarika desai (PIYU). I am a private crossdresser. I love if you call me as “piyu”.

Today I wake up in the morning & see that no one is at home today. Hence I decided to be a little princess girl for today.

I opened my secret bag where I kept some secret things & taken the Veet cream. I went to bathroom & used veet cream on my private parts of the body & removed each & every small hair. Oh!!! It’s really painful. Then I used the Nivea body lotion cream all over the body. As I used to shave my body regularly it’s somehow managed to lessen the hairs. Oh the feeling is great smooth & shiny.

Now it’s time to dress up.

I opened the wardrobe, taken my favorite color which every CD loves & which suits my name “piyu”.

YES …PINK. I took the pink color bra size 32D which is padded one & I know how to wear it from front & I done that. Oh!!! The tight feeling of strips on my shoulder. I like to wear bra properly hence I adjusted & make strips in line & wear it properly.

Then I took the pink color panty & wear it & fitted properly on my waist & butt. This is normal cotton panty which fitted great to me & keeps my tool safe underneath it.

Then started the makeup, actually I am not good at makeup but the face gives much support so I look more feminine without makeup. I took out the makeup kit out of the wardrobe & sit in front of the mirror & started making a princess makeover.

Just imagine smooth skinny shiny slim girl sitting in front of mirror wearing the pink lingerie & legs are crossed WOW & doing her makeup. I applied some foundation on my chicks & forehead. Then applied some cream & pink blush ohhh la la la. Then I took out the Pink lipstick & make the pouch & applied it oh great I said to myself. Then I used black pencil & make my eyebrows inline & then used the mascara & kajal. Then I used again pink on my eyes so it will looks like chooi-mooi. I am bit whitish not much but that’s my plus point.

Now I took out the pink nail polish, took my one legs up on bed & started applying it just imaging how it will look.

z1.jpg

After half n hour I completed nail polish of my both legs & hands. Then I had the printed mehndi which I used on both my legs & hands which took again half hour to dry it. Oh great look at me wearing the pink panty & bra, with pinkish makeup & pink nail polish & mehndi & sitting in front of mirror, oh god m exciting by this view.

Then I took out the pink satin leggings & wear them which fitted just below my navel great.

Then wear the pink kurti with long & transparent shoulders /hands which is having the white small design on it. Then taken out the black color wig combed it & wear it properly it’s not too much long but looks great on me.

Now I am in pink kurti & pink leggings. Then I wear pink colored 6 bangles in each hand yes it’s taken time but look great now & then pink earrings. After that I wear the white color pearls necklace in my neck which tight to my neck. Then I wear the silver Payal on both legs which make sounds like choom-choom when I walk. Then I took out the pink colored dupatta wear it across the neck & shoulders.

Then I wear the white color small bindi in between my eyebrows. It took me 3 hours to be ready as love to be. Now it’s 12 in the afternoon & I had a full day to explore.

Then I wear the white colored sandals & started moving around the house, took some pictures in different angles.

Then in chair I sit like a princess, walk like princess & done lots of pictures.
Then I feel like I should go out like this & most of boys will look at me like who is this hot girl in town?

Then I uploaded all my pics in FB & the response is great, like & comments & asking for dates.

WOW the great day. I loves to look like Hansika motwani, the pics added here just to imagine myself in this attire.

Princess is ready for the Prince now & doorbell ranges continuously OH MY GOD who is there now???………………………………………… at this time??

Sagarika desai (piyu).

If you liked this story, please don’t forget to write comments for the author!

For more reader contributed stories, click here.

free hit counter

Reader’s Corner

Indian Crossdressing Stories, captions and articles contributed by our readers.


For long our readers had been asking us to publish their stories on our website. So, here we have some of the stories contributed by our readers. You can submit your stories too! Use our feedback form or write an email to anupama.3vedee@gmail.com .

Disclaimer: These stories have not been edited by the Indian Crossdressing Novel team. We are not going to express any (un)favorable opinion about the content and the quality of these stories.

Last Entry Updated on: 11 July, 2018.

If you have any stories you would like us to feature here, use our feedback form to submit your stories!

free hit counter

Be like her

Be like the lady in the pictures! Let’s learn something from real women.


Our full gallery from ‘Be like her’ series

free hit counter

Note: Images in this gallery are used only to give wings to the imagination of the special girls known as crossdressers in this society. If you have any copyright related objections to the pictures posted here, use our feedback form to let us know.

Experience: My first saree

The experience of wearing my first saree by Naina Menon


Please use the star ratings above to rate this story!

Note: This is a true experience story shared by the beautiful Naina Menon, who is currently undergoing transition to become a woman of her dreams. Do you have a story like this to share?

 

The sun was up high and the heat of Trivandrum in the month of June was building up. Everyone had given up on the monsoon to hit early in the year 2001. I was new to the school and had made ample amount of friends in a few months. The extra classes were held for the class to finish the syllabus and that’s why we were in school in the month of May.

It always made me jealous coming to school in civil clothes as I could see the girls in my class wearing the clothes that I desired. After the school, I reached home at around 12 and quickly changed into my mother’s old salwar kameez and roamed around the house like a young princess! I didn’t worry much as my parents were both working and came late by 5 pm. And my sister was doing her college in bangalore.

At around 2 pm, the bell rang and I knew it was our maid. Usually I used to change and open the door for her to keep my crossdressing a secret. But today, I felt let’s just open up! I opened the door and without seeing her walked back into my room. She closed the door and went on to do her work.

z1
Naina: I used to wear my mother’s salwar kameez in my school days. But today I have my own.

In my room, I changed into my usual clothes and went up to her. I asked her if she had seen me when she entered. She replied, “yes”. So I asked if she had seen what I was wearing. She said she didn’t notice. She grew curious and asked me what was it all about.

I said that I could tell her but she would have to promise me to keep it a secret between us, to which she agreed. I ran into my room, dressed up and presented myself to her. She didn’t seem surprised, but happy! She gave me a hug and said that I looked like a cute little girl!

I helped her in some chores and asked her if she could teach me how to drape a saree. She said yes, but was concerned where I could get a blouse of my size. She promised to get a blouse for me from the market the next day. I didn’t want her to spend money for my blouse, so I gave her 50 bucks which was the cost of a simple velvet blouse those days!

Next day I was waiting eagerly for her dressed up in another salwar kameez. As she arrived, she said , “Are you ready to learn?” And started smiling. She was a woman in her late 20s, married and blessed with two kids. Yet, me and her shared a bond that no one would understand.

She used to prepare food for me in the afternoons, cleaned our house and used to give me company when no one was at home during the afternoon hours. Since no body was expected to be home, she asked me to wear the blouse and petticoat and come out when I am done.

z2
I am happy woman today.

The blouse was black colored velvet material with golden embroidery! It was probably more than 50 bucks! I asked her why she spent the extra money from her pocket. She replied that she has two sons and when I opened up to her, she felt as if god had given her a daughter in the form of me.

She didn’t think why I was doing it, why I dressed up as a girl. She was just happy, without any reason. That’s what true love is. She dressed me up in a yellow saree that belonged to my mother and draped it in the best way possible! Once done, she moved back and said, you look so pretty! That made me blush and she gave me a hug and a peck on my head as she was taller than me by a few inches.

Even today when I drape a saree, I look into the mirror and see her legacy!

Later, this became a routine and she draped the saree for me everyday. I slowly started learning it by observing and practicing. I don’t know when I started draping it on my own and when I actually became good at it! But I give all my credit of draping a saree to my “aunt”. She left us when I was studying in class 11 to work in the UAE. I will never forget this lady and she will always remain in my heart even though it’s been more than a decade since I lost touch with her. Wherever she is, I hope she is good and spreading live and happiness! This was my story of first saree! Even today whenever I drape a saree, I look into the mirror and see her legacy!

Image Credits: Naina Menon

If you liked this story, please don’t forget to give your ratings!

free hit counter

Expression Challenge #5 Response

One picture several stories. Here are your responses to the expression challenge!


Expression Challenge #5 Response

Hi Ladies, we are so happy to bring all your beautiful responses you submitted for Expression Challenge #5 for the above picture. The challenge was to answer the question ‘What are you dreaming?’ asked by the mirror in front of you.  Read all your submissions below. (You can find all our past challenges here!)

Congratulations Alexis and Yashika Crossy. Your entries have been selected as editor’s choice!

Continue reading “Expression Challenge #5 Response”

Hidden Gems


Please use the star ratings above to rate this story!

A few gems found on the internet that will appeal to the woman inside us!

इन्टरनेट पर उपलब्ध कुछ चुनिन्दा लिंक ख़ास तौर पर हम औरतों के लिए!

1. Amazing Saree Commercial! बेहद सुन्दर साड़ी एडवरटाईज!

Enjoy this beautiful saree commercial in high resolution. / हाई रिसोलुशन में इस साड़ी की एडवरटाईज का आनंद ले

If you liked this article, please don’t forget to give your ratings!

Note: No copyright violation intended. This article only links to the pages available on the internet. Images and links will be removed if any objections are raised here.

free hit counter