Caption: Stuck

A night of being stuck in a small town with no comfortable clothes to wear.


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English

I was travelling back to our town after a project meeting along with my colleague and Kalpana, my girlfriend. But unfortunately, our car broke down and we were stuck near a small town. Since it was almost dark, we all decided to spend the night in a nearby lodge and sort things in the morning.

When we reached our room to get fresh, I was wearing my business suit and I was wondering how will I spend the night wearing it. Kalpana, on the other hand, was fine as she was wearing a short dress. But before dinner, she offered me to her babydoll nighty to wear which she was carrying in her handbag. She said, it will help me sleep comfortably later at night. I hesitated at her offer but I had no other option available. Since she was my girlfriend, I decided to give it a try.

Later that night,I wore that sexy baby doll and suddenly I got a hard-on which came as a surprise to both of us. I was turned-on like never before. She looked at me and said, “Wow! What’s the reason behind this baby?” I said, “I don’t know. May be this nighty has some special kind of effect on me.”. She looked at me and said suggestively, “As long as it works, I am happy for us my dear Sona … Sonali… my girl.” That night was the start of my exploration of femininity within me.

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हिंदी

उस शाम मैं एक प्रोजेक्ट मीटिंग निपटा कर अपने एक सहकर्मी और अपनी गर्लफ्रेंड कल्पना के साथ कार से वापस आ रहा था जब रास्ते में हमारी कार ख़राब हो गयी. क्योंकि अँधेरा हो रहा था, उस रात हमने पास में ही एक लॉज ढूंढ कर वहां रुकने का निर्णय लिया और तय किया कि अब सुबह ही कार ठीक कराएँगे.

जब मैं कल्पना के साथ लॉज के कमरे में पहुंचा तब मैं बिज़नस सूट पहना हुआ था. क्योंकि हमारा प्लान रात तक घर वापस जाने का था इसलिए मेरे पास सोने के लिए और कोई कपडे भी नहीं थे. कैसे सोऊंगा सूट पहनकर मैं यही सोच रहा था. कल्पना तो एक छोटी ड्रेस पहनी हुई थी और उसके लिए ऐसी कोई समस्या नहीं थी. मैं ये सोच ही रहा था कि तभी उस रात डिनर पर जाने से पहले कल्पना ने मुझसे कहा कि वो अपनी पर्स में एक बेबी डॉल साथ लायी है. मैं उसे पहनकर रात को कम्फ़र्टेबल होकर सो सकता हूँ. उसके इस ऑफर पर मैं हँस दिया पर मेरे पास और कोई कपडे उपलब्ध भी नहीं थे. अब कल्पना मेरी गर्लफ्रेंड थी तो मैंने सोचा कि चलो ट्राई करके देखते है.

डिनर के बाद रात में आखिर मैंने कल्पना की बेबी डॉल पहन ही लिया. पर उसे पहनते ही मेरे अन्दर कुछ होने लगा और उस सेक्सी बेबी डॉल के स्पर्श से और कामुकता के एहसास में मेरा लिंग कठोर हो गया. कल्पना से ये छुपा न रहा और उसने देख कर मुझसे कहा, “wow! क्या बात है… तुम तो जोश में आ गए हो.” मैं सकपका गया और बोला, “सॉरी. पता नहीं शायद इस बेबी डॉल का कपडा ही कुछ ऐसा है कि मुझ पर ऐसा असर हो रहा है”. वो मेरी और देख कर मुस्कुरायी और बोली, “डार्लिंग. मैं तो खुश हूँ कि तुम पर ऐसा असर हो रहा है. आ जाओ मेरी बाहों में समा जाओ … मेरे सोना… मेरी सोनाली… मेरी जानू”. वो रात पहली रात थी जबसे मैंने अपने अन्दर की औरत को पहली बार अनुभव किया था. अब कल्पना के साथ मैं कई बार सोनाली बनकर उस अनुभव को बार बार जीता हूँ.

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Caption: Maid

When a dominant aunty forced feminizes her nephew.


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English हिंदी

English

Me: No Aunt, you cannot force me anymore. Do you still think I’m young teen age doll in your hands who used to be forced by a dominant lady and serve your kitty party ladies acting as a house maid and a slave of your group of other dominant ladies…you have already used best of my teen age.

Aunt: You cannot hide behind your words. Do you again want to be beaten by your father…. Ohh sorry! you are married now….Do you want to get divorced by your newly wife? or you are going to serve us as you did earlier? .

Me: (Tears rolling down from my eyes) I’m so sorry mistress. I will do whatever you want. What is my dress code today?

Aunt: A French maid.

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हिंदी

मैं: नहीं आंटी, अब आप मुझ पर और जोर ज़बरदस्ती नहीं कर सकती. मैं अब बच्ची नहीं हूँ जिसके साथ आप खेल सको. बचपन में आपने और आपकी किटी पार्टी की औरतों ने मुझसे बहुत सेवा करवाई है पर अब और नहीं.

आंटी: तुम्हे लगता है तुम बड़ी हो गयी हो? क्या तुम अपने पिता के हाथो मार खाना चाहोगी. ओह मैं तो भूल ही गयी थी कि अब तुम्हारी शादी हो चुकी है. कैसा लगेगा जब तुम्हारी पत्नी को तुम्हारे इस लड़की वाले अवतार के बारे में पता चलेगा. अब सीधे सीधे मेरी बात मानती हो या फिर मैं सब सच बता दूं तुम्हारी पत्नी को?

मैं: (आँखों में आंसुओं के साथ) नहीं ऐसा मत करना आंटी. आप जो बोलोगी मैं वैसा ही करूंगी. बताइए आज मेरा ड्रेस कोड क्या है?

आंटी: फ्रेंच मेड.

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Caption: Womanhood

Would you like to be born as a woman in your next life?


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“In your next birth, do you want to be born a real girl, Gitu”, he asked as he absent mindedly tweaked my right nipple with his left hand. My head rested on his wide right shoulder and my right hand that was playing with the thick black hair on his chest both snapped out of their reveries with a jerk.

I didn’t need to think this, I realised. “No dear, femininity would not feel special at all if I got in on a platter by being born a real woman. This is who I am. This is what I want to be. Being born a boy and aspiring to feel all my femininity slowly slowly during an entire lifetime is what I want to be doing in all my births!”

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हिंदी

“क्या तुम अगले जन्म में औरत बनना चाहोगी गीतू?”, उसने अपनी हाथ की उँगलियों से मेरे निप्पल को चिकोटते हुए पूछा. मैं उस वक़्त उसके कंधे पर सर रख कर उसके सीने पर हाथ फेर रही थी. पर उसके इस सवाल ने जैसे मुझे उस पल से झकझोर कर जगा दिया.

पर मुझे इसका जवाब सोचने की ज़रुरत नहीं थी. मुझे जवाब पता था. “नहीं डिअर, ये स्त्रीत्व मुझे उतना ख़ास नहीं लगेगा यदि मुझे जन्म से ही औरत बनकर मिल जाएगा. मैं इस जन्म में जो हूँ वैसे ही अगले जन्म में भी रहना पसंद करूंगी. लड़के के रूप में जन्म लेकर पूरे जीवन धीरे धीरे कर औरत बनने की ओर कदम बढ़ाना, यही मैं हर जन्म में करना चाहूंगी. संघर्ष के बाद पाए हुए अपने इस स्त्रीत्व का मोल मेरे लिए कहीं ज्यादा अधिक है.”

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Caption: Another Life

Can a cross-dresser have it all or they need to choose between the two lives they have?


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“Did you think about it?”

“I just can’t move in with you Dev! No matter how much I love to be in your arms in sexy lingerie and escort you in gorgeous sarees to dates, when the time’s up and I shed this garb, I must go back, being a good father to my kids and a good husband to my girl, making love to her. I wish I could pleasure her as good as you do me.”

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हिंदी

“क्या तुमने कुछ सोचा उस बात के बारे में?”

“मैं क्या कहूं तुमसे देव! चाह कर भी मैं तुम्हारे साथ रहने नहीं आ सकती. चाहे मुझे तुम्हारी बांहों में रहना कितना ही अच्छा लगता हो या फिर तुम्हारे साथ सुन्दर साड़ी पहन कर डेट पर जाना मुझे कितना ही पसंद क्यों न हो, पर अंत में मुझे इस रूप से दूर जाना ही होगा. अपने उस जीवन में जहाँ मुझे अपने बच्चो के लिया अच्छा पिता का दायित्व निभाना है, जहाँ मेरी पत्नी का सहभागी पति बनना है और उसे प्यार देना है. कभी कभी सोचती हूँ कि काश मैं भी उसे उतना प्यार दे पाती उतना ही सुख दे पाती जितना तुम मुझे अपनी प्रेमिका के रूप में देते हो. मुझे गलत न समझना देव, पर तुम्हारी प्रेयसी होने के साथ साथ मेरा ये दूसरा जीवन भी है जहाँ मेरी ज़रुरत है”

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Caption: Mother-in-law

What could be a better way of bonding with your mother-in-law other than sharing her sarees!


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“Thank you so much mother-in-law! I absolutely love this saree! It looks so great on me. Next time when you visit us, you should bring that green saree which you wore on my wedding day”

“I am so happy to hear that you love my sarees dear. I wish I had brought a few more for you with me. But I had never imagined that I would ever have a son-in-law who would enjoy wearing my sarees.”

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हिंदी

“ओह सासु माँ! ये साड़ी तो मुझ पर कितनी खिल रही है. आप अगली बार यहाँ आओ तो अपनी हरी साड़ी लेकर आना जो आपने मेरी शादी के दिन पहनी थी”

“मुझे बहुत ख़ुशी है कि तुम्हे मेरी साड़ियाँ पसंद आई. काश मैं कुछ साड़ियाँ और साथ लेकर आती तुम्हारे लिए. पर माफ़ करना बेटा. मैंने कभी सोचा नहीं था कि मेरा दामाद मेरी साड़ी पहनकर इतना खुश होगा”

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Caption: Challenge

Captions published under shortest story challenge


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Mother-in-law / सास
By Anupama Trivedi



Another life / दोहरी ज़िन्दगी
By Devika Sen



Womanhood / स्त्रीत्व
By Gitanjali Paruah



Maid / नौकरानी
By Saloni Sharma



Stuck / पहली बार
By Sonali Kapoor

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Caption: Best friends

When I came out as a crossdresser to my best friend, you will not believe what happened next.


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“I cannot believe this is you!”, said Rajiv when he looked at my photograph wearing a green salwar suit. How could he believe? After all, it was me, Nimit, his best friend since his childhood who was sitting next to him wearing a t-shirt and jeans. It was unimaginable for anyone to realize that the beautiful girl in the picture with long hair could be a man like me.

“Of course, it is me. Rajiv.”, I said to him. I had finally decided to open up about my cross-dressing to my best friend who is also my roommate in a city where we both work. He didn’t ask much questions or judge me at all. I knew that Rajiv is not going to do anything to hurt me in anyway. I trusted him, and his actions so far suggested that I was right. He stared at the picture for a while and finally hesitantly asked, “Can I see you in real as a woman? Err.. only if you don’t mind.” I smiled at him. No, I was not being feminine or anything at this time. I was just being his friend he had always known. “Wait here for me”, I said to him.

I stood up and went to my bedroom where I began my transformation. I thought I will surprise him with my looks in a saree. It took me about 10 minutes to find a nice saree and drape it. But it took me about half an hour to apply makeup and wear accessories like dozens of bangles which I really like. I shaped my eye-brows a little bit with my liner because I wanted to look like a real woman. Finally, I applied bindi on my forehead and came out holding my saree pallu with a big smile on my face. I was thrilled because I was coming out as a woman to someone for the first time in my life!

“Wow!! You look … you look…”, Rajiv could not complete his sentence when he looked at me in a pretty colorful lehariya saree. May be because he was mesmerized by my beauty or may because he could not believe it was me, his best friend, Nimit. Seeing him struggle with his words, I giggled. This time I giggled like a real girl. “What’s the problem, Rajiv? Haven’t you seen a pretty girl before?”, I said laughingly.

“You look… amazing!!”, he finally completed his sentence. He looked a little nervous. “What should I call you?”, his next question came up with a lot of hesitation.

“Hmm… I prefer to be called Smita! You know you can treat me like your sister-in-law or like any other young married lady from your neighborhood”, I excitedly told him about my desire.

He gave a nervous smile and said, “Smita bhabhi (sister-in-law)? You know that the relationship between a brother-in-law and a sister-in-law can be really naughty. Right?”, he almost tried to tease me with his shy benign friendly look in his eyes.

“He he.. it’s ok my dear brother-in-law. You can talk naughty to me, but don’t try to come near me. After all, I am a married woman, na!”, I laughed again as I pulled my saree pallu over my head as a gesture of being a devoted married woman.

Honestly, Rajiv had been really a gentleman. After that day, he would occasionally tease me with his words like a true brother-in-law would, but he never said or did anything indecent. And our friendship only grew after that. I was happy to be his sister-in-law after coming back from my work. And he always respected me as a woman. Sometimes when I would be watching TV sitting on a sofa, he would come and sit next to me. And he would hold my saree pallu in his hands, play with it and touch it to feel the softness of the fabric.

I looked into his eyes. I understood what he wanted. I knew that he hasn’t fully realized it himself but the time has come when he himself should wear a saree, and experience what I feel everyday when I become a woman. The time has come for him to become my female friend. I hugged him, and took him to my room where I would transform him into my first and best female friend. Our friendship was going to reach the next level tonight.

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हिंदी

“मुझे यकीन नहीं होता कि ये तू है यार”, राजीव ने मुझसे कहा जब उसने मेरी फोटो देखी जिसमे मैं हरे रंग का सलवार सूट पहने हुए था. वैसे भी ऐसे कैसे यकीन कर लेता वो? आखिर, वो मैं था, निमित, उसके बचपन का जिगरी दोस्त जो उसके बगल में टी-शर्ट और जीन्स पहने बैठा हुआ था. किसी के लिए भी यकीन करना मुश्किल होता कि उस फोटो की खुबसूरत लड़की जिसके खुले लम्बे बाल है, वो कोई और नहीं बल्कि मैं हूँ निमित.

“ऑफ़ कोर्स, वो मैं ही हूँ राजीव”, मैंने उससे भरोसा दिलाते हुए कहा. आखिर आज मैंने अपने क्रॉसड्रेसिंग के राज़ को अपने बेस्ट फ्रेंड के सामने खोल ही दिया. अब तो वो मेरा रूममेट भी है उस शहर में जहाँ हम दोनों काम करते है. उसने मुझसे ज्यादा सवाल भी नहीं किये और न ही कोई बुरा बर्ताव. मैं जानता था कि राजीव ऐसा कुछ नहीं करेगा जिससे मुझे बुरा लगे. मुझे उस पर भरोसा था और उसका अब तक का व्यवहार मेरे भरोसे को सही ठहरा रहा था. सच में मेरा अच्छा दोस्त था राजीव. उसने कुछ देर और उस फोटो को देखा और फिर बोला, “क्या मैं तुम्हे लड़की के रूप में देख सकता हूँ? तुम बुरा न मानो तो” उस कहने में एक झिझक थी. पर उसकी इच्छा सुनकर मैं मुस्कुरा दिया. किसी औरत की तरह नहीं बल्कि एक दोस्त की तरह जिसे वो बचपन से जानता था. “तुम मेरा यहीं इंतज़ार करना. मैं आता हूँ”, मैंने उससे कहा.

मैं उठ कर अब अपने बेडरूम में आ गया जहाँ मैं अब औरत बनने वाली थी. मैंने सोचा कि राजीव को आज साड़ी पहन कर एक और सरप्राइज दू. मुझे करीब १० मिनट लगे होंगे एक अच्छी सी साड़ी ढूंढकर पहनने को पर मेकअप वगेरह करने में मुझे आधा घंटा और लग गया. मुझे चूड़ियां पहनना बहुत पसंद है तो मैंने करीब २ दर्जन कांच की चूड़ियां भी पहन ली. फिर मैंने अपनी ऑयब्रौस को अपने लाइनर से थोडा आकार दिया ताकि मैं एक खुबसूरत औरत की तरह दिख सकूं. आखिर में अपने माथे पर छोटी सी बिंदी लगाकर अपनी साड़ी का पल्लू हाथ में पकडे और एक बड़ी सी मुस्कान लिए मैं कमरे से बाहर निकली. आखिर ख़ुशी का दिन था ये. पहली बार एक औरत के रूप में मैं किसी के सामने आ रही थी!

“Wow!! तुम तो … तुम तो…”, राजीव अपने वाक्य भी पूरा नहीं कर पा रहा था मुझे लहरिया साड़ी पहने इठलाते देख कर. शायद मेरी खूबसूरती से उसके होश उड़ गए थे या फिर उसे यकीन नहीं हो रहा था कि मैं उसका दोस्त निमित हूँ. उसे ऐसे शब्दों से लडखडाते देख मैं खिलखिलाने लगी. इस बार बिलकुल एक औरत की तरह! “क्या बात है राजीव? मैं अच्छी नहीं दिख रही तुम्हे?”, मैंने हँसते हुए उससे पूछा. बेचारे की तो हालत थोड़ी खराब थी.

“नहीं… तुम बहुत खुबसूरत औरत लग रहे हो… लग रही हो”, उसने किसी तरह अपना वाक्य पूरा किया. थोडा नर्वस लग रहा था वो. “मैं तुम्हे क्या कह कर पुकार सकता हूँ?”, उसने पूछा.

“हम्म…. मुझे स्मिता नाम पसंद है. तुम मुझे अपनी भाभी मान सकते हो या फिर मुझे इस तरह ट्रीट कर सकते हो जैसे तुम्हारे पड़ोस में रहने वाली कोई जवान शादीशुदा औरत हूँ मैं”, मैंने ख़ुशी से अपनी इच्छा जाहिर की.

मेरी बात सुनकर उसने एक नर्वस सी अधूरी मुस्कान दी और मुझसे कहा, “स्मिता भाभी… मुझे अच्छा लगेगा तुम्हे भाभी की तरह ट्रीट करना. पर तुम्हे पता है न कि देवर भाभी के बीच का रिश्ता थोडा नटखट होता है. क्या तुम तैयार हो अपने देवर के लिए मेरी भाभी जी?” वो मुझे छेड़ने की कोशिश कर रहा था पर साथ ही शर्मा भी रहा था.

“हा हा… ठीक है देवर जी. तुम चाहे जितने नटखट हो जाओ मेरे साथ. पर थोड़ी सीमा बनाकर रखना. आखिर एक शादीशुदा औरत हूँ मैं!”, मैं फिर जोर से हँस दी और अपने सर पर पल्लू ओढ़कर कर इठलाने लगी जैसे एक पतिव्रता औरत हूँ!

सच कहूं तो राजीव एक जेंटलमैन था. उस दिन के बाद भले वो एक देवर की तरह मेरे साथ शरारतें करता था पर कभी भी उसने कोई अश्लील बात या हरकत मेरे साथ न की. हम दोनों की दोस्ती उस दिन के बाद से और गहरी होती चली गयी. मैं काम से घर वापस आने का बाद ख़ुशी से राजीव की स्मिता भाभी बन जाया करती थी. और वो मेरी हमेशा एक औरत के रूप में इज्ज़त किया करता था. कभी कभी जब मैं सोफे पर बैठ कर टीवी देख रही होती थी तब वो मेरे साड़ी के पल्लू को अपने हाथ में लेकर उससे खेलता और साड़ी के स्पर्श को महसूस करता. कभी कभी मेरी साड़ी को वो एक हसरत भरी निगाहों से देखता.

एक दिन मैंने उसकी आँखों में वो हसरत देख ली. मैं समझ गयी थी कि वो क्या चाहता है पर शायद वो पूरी तरह से खुद को अब तक नहीं समझ सका था. पर अब समय आ गया था कि अब वो खुद साड़ी पहन कर वो ख़ुशी महसूस करे जो मैं रोज़ औरत बनकर किया करती थी. अब समय आ गया था कि राजीव मेरे दोस्त के साथ साथ अब मेरी  सहेली भी बन जाए. वो अब भी मेरे पल्लू को पकड़ा हुआ था जब मैंने उसकी आँखों में देखा और उसे गले लगा लिया. और फिर उसका हाथ पकड़ कर मैं अपने कमरे में ले आई जहाँ आज वो मेरी पहली और सबसे प्यारी सहेली बनने वाला था. हमारी दोस्ती इस पल के बाद से एक नए कदम की ओर बढ़ रही थी.

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